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महीनों से लंबित कार्रवाई पूरी करे निगम


0 अवैधानिक निर्माण पर नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं 
बिलासपुर* टेलीफोन एक्चेंज रोड पर स्थित एक अवैधानिक निर्माण को हटाने की मांग करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता आशीष पाण्डेय ने नगर निगम से कई महीनों से लंबित रखी गई, कार्रवाई को विधिवत शुरू करने का अनुरोध किया है *
शिकायत के अनुसार इस व्यावसायिक परिसर के संचालक श्याम कश्यप आदि ने अपने निवास को तोडकर नगर निगम से बिना नक्शा पास कराये दुकान का निर्माण किया है * उन्होंने आरोप लगाया कि अपने निवास स्थान को जो कि बिना निगम से नक्शा पास कराए बनाया गया है को बचाने के लिए मेन रोड पर निगम को धोखा देने के लिए मंदिर का निर्माण कर दिया है, जबकि रोड के ऊपर एवं पीछे बहुत बड़ी जगह है* इस निर्माण से बस स्टैण्ड से टेलिफोन रोड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है* ग्राहकों द्वारा रोड पर गाड़ी खड़ा करने से जाम लगाना शुरू हो गया है* निगम को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है* अधिवक्ता पाण्डेय ने बताया कि, सूचना के अधिकार से मिली अधिकृत जानकारी में यह बात सामने आई कि, गत 17.जुलाई .2025 को नगर निगम की संयुक्त समिति द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया था* इसके बाद  समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा था कि, आवेदक द्वारा स्वीकृत भवन अनुज्ञा के अंतर्गत भूतल में व्यवसायिक अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें आवेदक द्वारा स्वीकृत मानचित्र में कार्यालय भवन के स्थान पर दुकान का संचालन किया जा रहा है* भूतल में स्वीकृत मानचित्र में उल्लेखित कार्यालय भवन में 14 के स्थान पर 26 दुकानों का संचालन किया जा रहा है *इसके अलावा कई बिदुओं पर अपना मत देते हुए निगम ने कार्रवाई का नोटिस जारी किया था, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है*

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सचिव स्कूल शिक्षा  6 सप्ताह में बनाएंगे नई नीति 
0 शिक्षा के अधिकार मामले में सुनवाई
0 शासन के जवाब से हाईकोर्ट हुआ नाराज
बिलासपुर * शिक्षा के अधिकार मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सचिव स्कूल शिक्षा को निर्देश दिया है कि, 6 सप्ताह में प्री स्कूल से संबंधित नई नीति बनाकर अदालत में पेश करें * अगली सुनवाई दिसंबर माह में निर्धारित की गई है *
“ शिक्षा का अधिकार” मामले में दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पहले हुई सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि. ‘हाईकोर्ट को मजाक में न लें।* चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सख्त लहजे में कहा था कि अगली सुनवाई में सचिव स्वयं उपस्थित होकर शपथपत्र के जरिए बताएं कि, गड़बड़ी करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है* योजना के पात्र हितग्राहियों की आखिर अनदेखी क्यों हो रही है* नियम शर्तों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है *
   पहले से ही सोचना चाहिए
आज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की स्पेशल डीबी में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि, शुरुआत से ही प्री स्कूल को मान्यता नहीं है * प्री प्रायमरी सारे निजी स्कूल बिना किसी मान्यता के ही चल रहे हैं कोई नियम नहीं बना है * याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता भगवंत राव के अधिवक्ता देवर्षि सिंह ने इसका विरोध करते हुए बताया कि , 2013 से नया नियम बना हुआ है, इसे लागू नहीं किया जा रहा है* इस पर राज्य के अधिवक्ता ने कहा कि, हम इस पर एक नया ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही लागू हो जायेगा * इस बात पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि , आपको कितना समय लग रहा है * इन सब बातों पर शिक्षा विभाग को पहले से ही सोचना चाहिए * कोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को आने वाले 6 सप्ताह में प्री स्कूल को लेते हुए नई नीति बनाने का निर्देश दिया है *
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाया
गौरतलब है कि, गत माह हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य शासन से यह भी पूछा था कि,गरीब बच्चों का हक मारकर आर्थिक रूप से सक्षम घरों के बच्चों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाया गया* ऐसी गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं* भिलाई निवासी राव की याचिका में आरोप लगाया गया है कि, फर्जीवाड़े के जरिए आरटीई के तहत गरीब बच्चों की सीटें कब्जाई जा रही है और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के बच्चों को दाखिला दिया गया है* निजी स्कूल भी आरटीई की सीटों को लेकर गंभीर नहीं है*

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