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हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी


0 हड़कंप ; सुनवाई हुई स्थगित ;; पुलिस टीम ने परिसर घेरा
0 ऑफिशियल आई डी पर आया ईमेल
0 सघन जांच के बाद भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला
बिलासपुर* बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से परिसर में हड़कंप मच गया*    धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद तत्काल सुनवाई स्थगित कर दी गई और पूरे परिसर को पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले लिया * बम निरोधक दस्ते के साथ पूरे परिसर की जांच हुई *दोपहर बाद कुछ निर्धारित बेंचों में दोबारा सुनवाई शुरू की गई * सनद रहे कि , कुछ माह पहले भी इसी तरह एक मेल भेजकर धमकी दी गई थी *
जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर सुबह साढ़े दस के लगभग किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेल भेजा , जिसमें कोर्ट बिल्डिंग को निर्धारित समय तक विस्फोट से उड़ाने की बात कही गई* सूचना मिलते ही रजिस्ट्रार जनरल ऑफिस ने वरिष्ठ न्यायाधीशों और प्रशासन को अवगत कराया* चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में सुनवाई चल रही थी ,इसी तरह अन्य सभी बेंचों में मामलों की सुनवाई शुरू हो चुकी थी * आर जी की ओर से सीधे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा को जानकारी दी गई , उन्होंने संदेश मिलते ही सुनवाई स्थगित की और कोर्ट रूम से चले गए * इसी तरह अन्य बेंचों में भी जानकारी मिलते ही सुनवाई स्थगित कर दी गई*
बम निरोधक दस्ते के साथ एसएसपी भी पहुंचे
यह जानकारी पुलिस प्रशासन को मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते के साथ साथ स्वयं भी हाईकोर्ट परिसर में पहुँच गये * टीम ने ग्राउंड फ्लोर से ही अपना काम शुरू कर दिया * इसके बाद बम निरोधक दस्ते को पुलिस डॉग समेत उपर कोर्ट रूम्स की ओर भेजा गया * एक-एक कर कोर्ट रूम्स की सघन जांच और तलाशी की जाती रही * जांच का एक दौर पूरा कर दोबारा फिर नए सिरे से तलाशी की गई * एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और साइबर सेल की टीम संयुक्त रूप से जांच की है * कोर्ट परिसर, पार्किंग, रिकॉर्ड रूम और आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली गई* पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है*
स्थिति सामान्य, सतर्कता जारी
दोपहर बाद तलाशी अभियान पूरा होने के बाद स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है* पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह शरारत थी या किसी साजिश का हिस्सा* धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है* आईपी एड्रेस और सर्वर डिटेल खंगाले जा रहे हैं, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है*
देश भर में मिल रहीं ऐसी धमकियां
पिछले कई महीनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में उच्च न्यायालयों और जिला न्यायालयों को धमकी भरे ईमेल मिलते रहे हैं* छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव सहित कई जिलों के जिला न्यायालयों को इसी तरह के ईमेल मिल चुके हैं* हर बार पुलिस ने व्यापक जांच और सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन धमकी भेजने वालों की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है* इस सिलसिले में बिलासपुर हाईकोर्ट को मिला यह ताजा ईमेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया *
आधे से अधिक बेंचों में दोबारा सुनवाई
पुलिस के सघन अभियान के बाद हाईकोर्ट में लंच के बाद फिर से सभी बेंचों में दोबारा सुनवाई शुरू की गई * चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के अलावा जस्टिस रजनी दुबे,जस्टिस एन के व्यास , जस्टिस चन्द्रवंशी , जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत  की बेंच में दोबारा सुनवाई के लिए मामले नहीं पेश किये गये* शेष सभी बेंचों में मामलों की नियमित सुनवाई शुरू हो गई * आस -पास कोर्ट कारीडोर में भी स्थिति तेजी से सामान्य हो गई * वकील और पक्षकार सभी परिसर में चिंतामुक्त होकर आते जाते रहे *
तो कोई मेल नही मिलेगा
हाईकोर्ट में 11 बजे के बाद एडवोकेट चेम्बर्स और नीचे भीतरी परिसर में अधिवक्ता कहैं कहीं समूहों में जुटाकर इसी मसले पर चर्चा करते नजर आये * कुछ ने यह भी कहा कि, धमकी भरे मेल से कुछ नहीं होगा* जब कभी इस तरह की घटना वास्तव में होगी तो कोई मेल नहीं आएगा * बहरहाल शाम तक हाईकोर्ट में स्थिति सामान्य और नियंत्रण में नजर आई * रोजाना आने जाने वालों के चेहरों पर भी कोई खौफ नहीं दिखाई दिया *
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सचिव स्कूल शिक्षा  6 सप्ताह में बनाएंगे नई नीति 
0 शिक्षा के अधिकार मामले में सुनवाई
0 शासन के जवाब से हाईकोर्ट हुआ नाराज
बिलासपुर * शिक्षा के अधिकार मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सचिव स्कूल शिक्षा को निर्देश दिया है कि, 6 सप्ताह में प्री स्कूल से संबंधित नई नीति बनाकर अदालत में पेश करें * अगली सुनवाई दिसंबर माह में निर्धारित की गई है *
“ शिक्षा का अधिकार” मामले में दायर जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पहले हुई सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि. ‘हाईकोर्ट को मजाक में न लें।* चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सख्त लहजे में कहा था कि अगली सुनवाई में सचिव स्वयं उपस्थित होकर शपथपत्र के जरिए बताएं कि, गड़बड़ी करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है* योजना के पात्र हितग्राहियों की आखिर अनदेखी क्यों हो रही है* नियम शर्तों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है *
   पहले से ही सोचना चाहिए
आज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की स्पेशल डीबी में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि, शुरुआत से ही प्री स्कूल को मान्यता नहीं है * प्री प्रायमरी सारे निजी स्कूल बिना किसी मान्यता के ही चल रहे हैं कोई नियम नहीं बना है * याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता भगवंत राव के अधिवक्ता देवर्षि सिंह ने इसका विरोध करते हुए बताया कि , 2013 से नया नियम बना हुआ है, इसे लागू नहीं किया जा रहा है* इस पर राज्य के अधिवक्ता ने कहा कि, हम इस पर एक नया ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही लागू हो जायेगा * इस बात पर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि , आपको कितना समय लग रहा है * इन सब बातों पर शिक्षा विभाग को पहले से ही सोचना चाहिए * कोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को आने वाले 6 सप्ताह में प्री स्कूल को लेते हुए नई नीति बनाने का निर्देश दिया है *
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाया
गौरतलब है कि, गत माह हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य शासन से यह भी पूछा था कि,गरीब बच्चों का हक मारकर आर्थिक रूप से सक्षम घरों के बच्चों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिला दिलाया गया* ऐसी गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं* भिलाई निवासी राव की याचिका में आरोप लगाया गया है कि, फर्जीवाड़े के जरिए आरटीई के तहत गरीब बच्चों की सीटें कब्जाई जा रही है और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों के बच्चों को दाखिला दिया गया है* निजी स्कूल भी आरटीई की सीटों को लेकर गंभीर नहीं है*

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सबसे पहले पूरा किया एस आई आर का काम

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