हलफनामा | Halafnama
Uncategorized

अंतःकरण की चंचलता और शून्यता का संतुलन है योग

  0 अटल विश्वविद्यालय के योग शिविर का दूसरा दिन
       

                   ( अनन्या डोडेजा )  
बिलासपुर *अटल बिहारी वाजपेयी विवि के योग विज्ञान विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 10 दिवसीय नि:शुल्क योग शिविर में आज दूसरे दिन कोन्हेर गार्डन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर योगाभ्यास किया*
शिविर के दौरान योग के व्यावहारिक पक्ष के साथ-साथ उसके संज्ञानात्मक प्रभावों पर भी गहन चर्चा की गई* विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, योग का मुख्य उद्देश्य अंतःकरण की धवल शिलाओं पर उठने वाले अनाम स्पंदनों और आंतरिक द्वंद्व का शमन करना है* अवलोकन में यह पाया गया कि मानव चेतना के भीतर एक निरंतर सक्रिय आंतरिक संरचना (तरल चेतना) विद्यमान है, जो हमारे विचार-प्रवाह और भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रभावित करती है*
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे योग
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अटल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम ने अपने उद्बोधन में कहा कि विवि के विद्यार्थी जन-जन तक योग की भावना पहुँचाने हेतु प्रतिदिन बिलासपुर के विभिन्न उद्यानों में नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं* उन्होंने कहा कि योग चारदीवारी के भीतर सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए*योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव साहू ने योग को परिभाषित करते हुए कहा कि यह व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से संतुलित बनाता है*
सकारात्मक ऊर्जा
शिविर में योग सलाहकार डॉ. सत्यम तिवारी के निर्देशन में सूक्ष्म व्यायाम, भुजंगासन, तिर्यक ताड़ासन, ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया* इन योग क्रियाओं का प्रदर्शन पी.जी. डिप्लोमा योग साइंस की छात्राएँ नीलम एवं कामिनी द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया*विशेष आकर्षण के रूप में नेशनल अवार्ड प्राप्त हास्य योग विशेषज्ञ प्रहलाद जोशी ने हास्यासन का अभ्यास कराया और बताया कि मुस्कुराना मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का एक सशक्त योग है*

Related posts

सेंट्रल स्कूल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना

admin

पिछले अपराधों पर भी स्पेशल कोर्ट का क्षेत्राधिकार

admin

गुरु खुशवंत पर सोशल मीडिया में टिप्पणी आरोपी को अग्रिम जमानत

admin

Leave a Comment